आज की जीवनशैली में पढ़ाई, ऑफिस का काम, मोबाइल चलाने और कंप्यूटर पर लंबे समय तक बैठने के कारण लोगों का काफी समय कुर्सी पर बीतता है। लंबे समय तक गलत तरीके से बैठने की आदत धीरे-धीरे शरीर पर असर डाल सकती है। गर्दन, कंधे, पीठ और कमर में दर्द जैसी परेशानियां गलत बैठने की मुद्रा से जुड़ी हो सकती हैं।
सही बैठने की मुद्रा क्या होती है
सही बैठने की मुद्रा का मतलब है कि बैठते समय शरीर को ऐसी स्थिति में रखा जाए जिसमें रीढ़ की हड्डी को अनावश्यक दबाव न पड़े। सिर और गर्दन सीधी रहें, कंधे सामान्य स्थिति में हों और कमर को उचित सहारा मिले।
कुर्सी पर बैठते समय दोनों पैर जमीन पर टिके होने चाहिए। कंप्यूटर या लैपटॉप का इस्तेमाल करते समय स्क्रीन को ऐसी ऊंचाई पर रखना बेहतर होता है कि उसे देखने के लिए बार-बार गर्दन नीचे न झुकानी पड़े।
सही मुद्रा में बैठना क्यों जरूरी है?
1. पीठ और कमर पर दबाव कम करने में मदद
गलत तरीके से बैठने पर शरीर का भार असमान रूप से पड़ सकता है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति बनी रहने से पीठ और कमर में असहजता महसूस हो सकती है। सही मुद्रा रीढ़ को बेहतर सपोर्ट देने में मदद करती है।
2. गर्दन और कंधों को आराम
मोबाइल या लैपटॉप को लगातार नीचे देखकर बैठने से गर्दन आगे की ओर झुक सकती है। इससे गर्दन और कंधों में तनाव महसूस हो सकता है। स्क्रीन को उचित ऊंचाई पर रखना और सिर को सीधा रखना इस समस्या से बचाव में मदद कर सकता है।
3. लंबे समय तक काम करने में सुविधा
जब कुर्सी, टेबल और शरीर की स्थिति सही हो तो काम करते समय अनावश्यक खिंचाव कम हो सकता है। इससे पढ़ाई या ऑफिस के काम के दौरान बैठना अधिक आरामदायक महसूस हो सकता है।
4. शरीर के संतुलन में मदद
सही मुद्रा में बैठने पर शरीर का भार दोनों तरफ अपेक्षाकृत संतुलित रहता है। पैर जमीन पर टिके रहने और कमर को पर्याप्त सहारा मिलने से बैठने की स्थिति अधिक स्थिर रहती है।
5. रोजमर्रा की अच्छी आदत विकसित होती है
सही तरीके से बैठना केवल ऑफिस या पढ़ाई के समय जरूरी नहीं है। खाने, टीवी देखने, मोबाइल चलाने और अन्य गतिविधियों के दौरान भी शरीर की स्थिति पर ध्यान देना अच्छी आदत बन सकती है।
सही तरीके से कैसे बैठें

सही बैठने के लिए इन आसान बातों का ध्यान रखा जा सकता है:
- पीठ को कुर्सी के सहारे सीधा रखें।
- कमर के पीछे पर्याप्त सपोर्ट रखें।
- दोनों पैर जमीन पर आराम से टिकाएं।
- पैरों को लंबे समय तक एक ही स्थिति में न रखें।
- कंधों को ढीला और सामान्य स्थिति में रखें।
- सिर को बहुत आगे की ओर न झुकाएं।
- कंप्यूटर स्क्रीन को आंखों के करीब उचित ऊंचाई पर रखें।
- कीबोर्ड और माउस को ऐसी जगह रखें जहां हाथों पर ज्यादा दबाव न पड़े।
- लंबे समय तक लगातार बैठे रहने के बजाय बीच-बीच में उठकर थोड़ा चलें।
- मोबाइल इस्तेमाल करते समय लगातार गर्दन नीचे झुकाकर न बैठें।
कितनी देर तक लगातार बैठना चाहिए |
एक ही स्थिति में लंबे समय तक बैठे रहना शरीर के लिए आरामदायक नहीं होता। इसलिए काम या पढ़ाई के दौरान बीच-बीच में अपनी स्थिति बदलना, कुछ कदम चलना और हल्की स्ट्रेचिंग करना उपयोगी आदत हो सकती है।
यदि काम की वजह से लंबे समय तक बैठना जरूरी है, तो समय-समय पर कुर्सी से उठकर शरीर को थोड़ा सक्रिय करना बेहतर रहता है।
बच्चों और छात्रों के लिए भी जरूरी है सही मुद्रा
बच्चे और छात्र पढ़ाई के दौरान कई घंटे बैठ सकते हैं। यदि टेबल-कुर्सी उनकी लंबाई के अनुसार नहीं है या वे लगातार झुककर पढ़ते हैं, तो शरीर में असहजता हो सकती है।
पढ़ाई के लिए ऐसी कुर्सी और टेबल का इस्तेमाल करना चाहिए जिसकी ऊंचाई बच्चे के लिए उपयुक्त हो। किताब या स्क्रीन को बहुत नीचे रखने के बजाय उसे सुविधाजनक ऊंचाई पर रखना चाहिए।
मोबाइल चलाते समय इन बातों का रखें ध्यान
आज मोबाइल का इस्तेमाल बैठने की गलत आदत का एक बड़ा कारण बन सकता है। फोन को लंबे समय तक नीचे रखकर देखने से गर्दन झुकी रहती है।
मोबाइल इस्तेमाल करते समय फोन को जरूरत के अनुसार थोड़ा ऊपर रखना, गर्दन को सीधा रखना और लगातार लंबे समय तक स्क्रीन देखने से बचना बेहतर है।
सही कुर्सी का चुनाव भी महत्वपूर्ण
अच्छी बैठने की मुद्रा के लिए केवल शरीर की स्थिति ही नहीं, बल्कि कुर्सी का चुनाव भी महत्वपूर्ण है। कुर्सी ऐसी होनी चाहिए जिसमें पीठ और कमर को पर्याप्त सहारा मिल सके।
कुर्सी की ऊंचाई ऐसी हो कि पैर आराम से जमीन पर टिक सकें और घुटने अत्यधिक ऊपर या नीचे न रहें।
नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से है लगातार या गंभीर दर्द होने पर योग्य डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें।

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