आज की बदलती जीवनशैली में कई लोगों का काफी समय कुर्सी पर बैठकर गुजरता है। ऑफिस का काम, कंप्यूटर या लैपटॉप का इस्तेमाल, ऑनलाइन पढ़ाई और मोबाइल चलाने के कारण रोजाना कई घंटे बैठे रहना आम हो गया है। समस्या तब बढ़ती है जब लंबे समय तक लगातार बैठे रहने की आदत बन जाए और बीच में शरीर को पर्याप्त गतिविधि न मिले।
लगातार बैठने से शरीर की सामान्य गतिविधियां कम हो जाती हैं और इसका असर कमर, गर्दन, मांसपेशियों के साथ-साथ पूरे स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। इसलिए काम के दौरान छोटे-छोटे ब्रेक लेना और नियमित शारीरिक गतिविधि को दिनचर्या में शामिल करना जरूरी माना जाता है।
लंबे समय तक बैठने से क्या नुकसान हो सकते हैं
1. कमर और पीठ में दर्द
लगातार कुर्सी पर बैठे रहने से कमर और पीठ की मांसपेशियों पर दबाव पड़ सकता है। गलत मुद्रा में बैठने की आदत होने पर पीठ दर्द, अकड़न और असहजता की समस्या बढ़ सकती है।
2. गर्दन और कंधों में परेशानी
कंप्यूटर या मोबाइल की स्क्रीन को लंबे समय तक नीचे या एक ही दिशा में देखने से गर्दन और कंधों पर तनाव बढ़ सकता है। इससे गर्दन में दर्द, जकड़न और कंधों में भारीपन महसूस हो सकता है।
3. मांसपेशियों की सक्रियता कम होना
बैठे रहने के दौरान पैरों और शरीर की कई बड़ी मांसपेशियां लंबे समय तक कम सक्रिय रहती हैं। नियमित रूप से चलने-फिरने की कमी से शरीर की सामान्य सक्रियता प्रभावित हो सकती है।
4. वजन बढ़ने का खतरा
जब शरीर लंबे समय तक निष्क्रिय रहता है तो रोजाना होने वाली शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है। अगर खान-पान में कैलोरी अधिक हो और गतिविधि कम हो, तो समय के साथ वजन बढ़ने की संभावना हो सकती है।
5. रक्त संचार पर असर
एक ही स्थिति में लंबे समय तक बैठे रहने से पैरों में रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है। कुछ लोगों को लंबे समय तक बैठने के बाद पैरों में भारीपन, सुन्नपन या अकड़न महसूस हो सकती है।
5.शरीर की फिटनेस प्रभावित हो सकती है
सिर्फ व्यायाम के लिए कुछ समय निकालना पर्याप्त नहीं होता, अगर बाकी दिन लगभग पूरी तरह बैठे हुए गुजरता हो। रोजमर्रा की गतिविधियां कम होने से कुल शारीरिक सक्रियता घट सकती है।
7. ब्लड शुगर और हृदय स्वास्थ्य से जुड़ा जोखिम
लंबे समय तक बैठे रहने और कम शारीरिक गतिविधि वाली जीवनशैली को कई स्वास्थ्य समस्याओं के बढ़े हुए जोखिम से जोड़ा गया है। नियमित चलना-फिरना और शारीरिक गतिविधि इस निष्क्रियता को कम करने में मदद कर सकती है।

कितनी देर बैठने के बाद ब्रेक लेना चाहिए
अगर आपका काम लंबे समय तक बैठने वाला है, तो लगातार एक ही मुद्रा में बैठे रहने से बचें। काम के बीच समय-समय पर उठकर कुछ मिनट चलना, पानी लेने जाना या हल्की स्ट्रेचिंग करना उपयोगी हो सकता है।
एक आसान तरीका यह है कि आप अपने काम के दौरान छोटे-छोटे मूवमेंट ब्रेक तय कर लें। इससे लंबे समय तक लगातार बैठे रहने का समय कम किया जा सकता है।
लंबे समय तक बैठने से बचने के आसान उपाय
- हर कुछ समय बाद कुर्सी से उठकर थोड़ा चलें।
- फोन पर बात करते समय संभव हो तो खड़े होकर बात करें।
- काम के बीच हल्की स्ट्रेचिंग करें।
- लिफ्ट की जगह परिस्थितिनुसार सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
- रोजाना पैदल चलने के लिए कुछ समय निकालें।
- कंप्यूटर पर काम करते समय बैठने की मुद्रा सही रखें।
- लंबे समय तक टीवी या मोबाइल देखने के बीच ब्रेक लें।
- रोजमर्रा के कामों में शारीरिक गतिविधि बढ़ाने की कोशिश करें।
सही बैठने की मुद्रा क्यों जरूरी है
बैठते समय पीठ को उचित सहारा देना, स्क्रीन को सुविधाजनक ऊंचाई पर रखना और पैरों को आरामदायक स्थिति में रखना जरूरी है। लगातार झुककर या गर्दन नीचे करके बैठने से शरीर के कुछ हिस्सों पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है।
हालांकि सही मुद्रा महत्वपूर्ण है, लेकिन सिर्फ सही मुद्रा में लगातार कई घंटे बैठे रहना भी पर्याप्त नहीं है। बीच-बीच में उठना और शरीर को सक्रिय रखना भी जरूरी है।
लंबे समय तक लगातार बैठे रहना आधुनिक जीवनशैली की एक आम समस्या बन चुका है। इससे कमर और गर्दन की परेशानी से लेकर शरीर की कुल शारीरिक सक्रियता कम होने तक कई समस्याएं जुड़ सकती हैं। इसलिए काम या पढ़ाई के दौरान छोटे-छोटे ब्रेक लेना, नियमित रूप से चलना और रोजाना शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना बेहतर आदत हो सकती है।
अगर लंबे समय तक बैठने के बाद लगातार दर्द, सुन्नपन या अन्य असामान्य लक्षण बने रहते हैं, तो डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।

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